बुधवार, 9 मार्च 2016

नीम रोम -रोम को शीतलता प्रदान करने के साथ साथ आँखों के रोगों का अचूक औषधि है ।

नीम रोम -रोम को शीतलता प्रदान करने के साथ साथ आँखों के रोगों का अचूक औषधि है ।

नीम की सबसे बड़ी बिशेषता यह है की यह रोगो के गर्दन पर सीधी छुरी चलाती है ।आधा रोग तो नीम के नाम सुनते ही भाग जाता है ।जब हम उसके छाया में बैठ कर जो शीतलता महसुस करते है तो खाने के बाद कैसा अनुभव करेंगे ? जिन लोगो को निम् के नाम से मुँह कडुवा बनाया है उन्हें इसे एक बार खाकर जरूर देखना चाहिये ।यह भीतर से कडुआ नही मिथ होता है ।

आँखों के रोगों के उपचार के विधी :-

आँख दुखना - आँखो में धूल आदि चले जाने के कारण आँख आ जाती है आखे लाल हो जाती है आखो से पानी आने लगता है । कभी कभी सर्दी - गर्मी के प्रभाव से भ आखे दुखने लगते है । आयुर्वेद में इसके उपचार के लिए निम्न उपचार बताया गया है ।


(1) नीम के पत्ते को अच्छी तरह से साफ़ करके उसके एक से दो बून्द रस आँखों में टपकाना चाहिए इसे शरु में तो आहो में लगेगा पर कुछ ही क्षणों के बाद आँखों को ठंडक महसूस होगी ।

(2 )यदि बच्चों की आँख आ गई ही तो उसके कानो में एक से दो बून्द नीम के रस डाले ।यदि बायीं आँख दुःख रही हो तो बायीं तरफ के ही कान में रस डाले । इसे दो तीन दिनों में ही आखो की लाली कट जायेगी । आखो से पानी आना ठीक ही जाएगा ।

आँखों की जलन :- आँखों में जलन धुप , सर्दी ,सर में दर्द या अधिक ठन्डा पदार्थ खाने से हो जाता है । लगता है की आंखो में कोई मिर्च लगा दिया हो ।  आँख लाल हो गया हो । इस अवस्था में रोगी को मिर्च , खट्टा , ठंडे पदार्थ का सेवन नही करनी चाहिए ।

 प्रयोग विधि :-

( 1 ) नीम की पट्टी के रस में थोड़ी से पठानी लोध मिलाकर लेप बनाकर आँखों के पलको पर लगाये । इसे आँखों का जलन  एवं लाली शीघ्र  नष्ट हो जायेगी ।


रतौंधी रोग में :-कच्ची निबौली का दूध चांदी के सलाई से लगाये इसे रतौंधी कट जायेगी ।निम् के तेल भी आँख में लगाने से रतौंधी में काफी लाभ होता है ।


मोतियाबिंद में :- थोड़ी से निबौली को सुरमे की तरह पीस ले । फिर प्रतिदिन रात को सलाई के कांटी से आँख में अंजन की तरह  लगाये । इसे मोतियाबिंद की जाल कट जाएगा ।


आंखो से कम दिखाई देना :-विटामिन ए एवं विटामिन सी की कमी से आँखों की रौशनी कम हो जाती है ।इसके लिए भिजन में पर्याप्त मात्रा में टमाटर , पपीता ,  हरी सब्जी आदि लेनी चाहिए । निम् के सेवन से भी इस कमी को दूर की जा सकती है । नीम के दस ग्राम फूल में  पांच ग्राम कलमीशोरा लेकर उन्हें सुर्मा बनाले । फिर चांदी की सलाई से आँखों में सुबह शाम लगाये । इसे धीरे धीरे आंको की रौशनी आजायेगी ।





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