रविवार, 28 फ़रवरी 2016

हिस्टीरिया , पागलपन , मिरगी एवं स्मरण शक्ति को बढ़ाने में शंखपुष्पी एक अचूक औषधि है ।


हिस्टीरिया , पागलपन , मिरगी एवं स्मरण शक्ति को बढ़ाने में शंखपुष्पी एक अचूक औषधि है ।

शंखपुष्पी सामान्य रूप से पथरीली , रेतीली , एवं सख्त जमीन पर होती है । यह पुरे भारत में सड़को के किनारे बगीचो आदि में देखने को मिल जाती है । यह सालो भर पाई जाने वाली औषधि है । इसे संस्कृत में- क्षीरपुष्पी , हिंदी में - शंखपुष्पी , मराठी में - साखखेल , बंगाली में - डानकुणी , गजराती में - शंखावली , लैटिन में - कनवालबुल्स , प्लुरिकॉलिन्स आदि नामो से जाना जाता है । शंखपुष्पी के पौधा लगभग 4 से 5 इंच ऊँचा होता है ।इसकी छोटी छोटी शखाये जमीन पर फैली होती है ।इसके पत्ते बिना डंठल के हल्की सी सफेद आभा लिए हुए जामुनी रंग होते है ।इसके पत्ते पर मुलायम रोम होते है । इसके फूल सफेद , नील या हल्का गुलाबी रंग के शंख के अकार के होता है ।इसलिये इसे शंखपुष्पी कहते है ।इसके फूल में पांच पात्र होते है ।इसके फल लम्बे , चिकने , और भूरे रंग के होते है ।जिसके अंदर भूरे या काले रंग के बिज होते है ।शंखपुष्पी तीन प्रकार के होते है नीले फूल वाली , लाल फूल वाली , एवं सफेद फूल वाले ।इनमे सफेद फूल वाली ही लाभप्रद एवं उपयोगी होता है ।हमेशा सफेद फूल वाली ही शंखपुष्पी वाले पौधे का ही औषधि के रूप में प्रयोग करनी चाहिए । यह कषाय , कटु , चिकनी , शांतिप्रदायक , मधुरबिपाकि, वात- पित को शांत करने वाली एवं दाहनाशक है । यह मष्तिष्क रोगों के लिए बड़े ही लाभकारी होता है ।यह स्नायु को बल देने वाली , ह्रदय को ताकत देने वाली , स्वर को ठीक करने वाली एवं रक्त को शुद्धि करने वाली है ।इसके सेवन से स्मरण शक्ति बढ़ती है । इसका प्रयोग किसी भी उम्र के व्यक्ति कर सकते है ।

 शंखपुष्पी के प्रमुख फायदे :-


 ( 1 ) हिस्टीरिया में - हिस्टीरिया के रोग में यह संजीवनी का काम करता है । मुलहटी 5 ग्राम शनतावर 5 ग्राम वच 2 ग्राम एवं शंखपुष्पी 5 ग्राम । इन सब को कूट पीस कर चूर्ण बनाले ।एवं इसके चार मात्रा बनाले ।सुबह शाम एक एक मात्रा दूध के साथ ले ।इस प्रकार कुछ ही दिनों में हिस्टीरिया रोग ठीक हो जाता है ।पागलपन के लक्ष्णों में भी आराम मिलता है ।इसे स्त्रियों के गर्भाश्य की दुर्बलता भी दूर होती है ।


 ( 2 ) पागलपन में - 20 से 25 बून्द शंखपुष्पी के रस को पिने से पागलपन , मिरगि , चिट में व्यकुलता आदि बहुत जल्द ठीक हो जाता है ।इस रस से पेट भी साफ़ हो जाता है ।


 ( 3 ) स्मरण शक्ति बढ़ाने में :-शंखपुष्पी के पत्ता , फल , फूल , बिज एवं जड़ इन सबको मिलाकर धुप में सुखा कर कूट ले एवं कपड़े से छान कर 4 से 5 ग्राम चूर्ण दूध या ठंडे पानी के साथ सुबह शाम ले ।इसे दिमाग को ताकत मिलता है और स्मरण शक्ति बढ़ती है ।बच्चों को आधी मात्रा में देनी चाहिए ।

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